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भाभी ने चूसना सिखाया

 11-09-2020 साधना पांडे मैं रीता हूँ मेरे पति का नाम अतुल है। मेरे पति चाहते हैं कि मैं उनका लौड़ा चुसूं और पूरी नंगी होकर सेक्स में तरह तरह के खेल करूँ। इस बात को लेकर अक्सर मेरी उनसे लड़ाई हो जाती थी। मुझे लौड़ा चूसने से बड़ी चिढ़ थी मुझे लौड़ा चूसना बहुत गन्दा काम लगता था। एक बार लड़ाई तेज हो गई, अतुल बोले- कुतिया, तू लौड़ा नहीं चूस सकती तो यहाँ से भाग जा! मैं भी लड़ कर अपने घर आ गई। मैंने अपनी माँ को बता दिया कि अब मैं घर नहीं जाऊँगी। मेरी माँ ने मुझसे कुछ नहीं कहा। मेरे भैया 3-4 दिन के लिए घर से बाहर थे इसलिए रात में मैं भाभी के कमरे में सोने चली गई। मैं और भाभी रात को दस बजे बिस्तर पर आ गई। भाभी ने साड़ी उतार दी। वो अब पेटीकोट और ब्लाउज़ में थीं। उन्होंने पेटीकोट उठा कर अपनी चड्डी भी उतार दी। ब्रा वो पहने नहीं थीं। मैं एक मैक्सी और चड्डी पहने थी। भाभी ने मुझसे पूछा- ब्लू फिल्म देखोगी क्या? मैं पिछले दस दिन से नहीं चुदी थी, मेरी चूत में खुजली हो रही थी। मैं बोली- देख लूंगी! भाभी ने एक सेक्सी हिंदी ब्लू फिल्म लगा दी। फिल्म में कुछ देर बाद लड़कियों ने लड़कों के लंड निकाल कर चूसना शु

पड़ोस वाली आंटी के साथ मस्ती

 20-08-2020 साधना पांडे य यह कहानी मेरे एक पाठक ने मुझे भेजी है जोकि उसके और उसके पड़ोस वाली चाची के साथ हुई शारीरिक संबंध पर आधारित है अब आगे की कहानी उनके ही जुबानी सुनिए। हैल्लो दोस्तों, यह बात उन दिनों की है जब में अपने स्कूल की पढ़ाई को पूरी करके कॉलेज में गया था और अपनी जवानी के 18 साल पूरे होने पर और लंड के 6 इंच लंबा होने और मोटा होने की खुशी में मैंने जमकर मुठ मारकर मज़ा किया था और उसका कारण था कि में उस दिन अपने एक दोस्त के साथ हॉट ब्लूफिल्म देखकर लौटा था। मैंने उसमें देखा कि उस औरत की नरम मुलायम गुलाबी चूत और बड़ी सुंदर गांड ऊपर से दो दो गोरे गोरे बूब्स उस मर्द को पहली बार पीते हुए देखकर मेरे मुहं में भी पानी भर गया था और अब मुझे भी किसी औरत को तुरंत पकड़कर उसकी जमकर चुदाई करने का मन कर रहा था। दोस्तों उस समय हमारे घर के पास में एक बहुत ही मस्त सेक्सी आंटी रहती थी जिनका एक पार्लर था और उनके पति अक्सर बाहर किसी दूसरे शहर में रहते थे उस आंटी का नाम शीला था, वो भरे बदन वाली गदराई हुई काया वाली अल्हड़ मस्त 26 साल की पूरी जवान माल थी, जिनके बड़े बड़े रसभरे दूध से भरपूर निप्पल को

मेरी सामूहिक चुदाई की दास्तान

14-08-2020 साधना पांडे दोस्तों मेरा नाम निशु है. मै एक सेक्सी लुकिंग शादीशुदा लड़की हूँ. मेरी उम्र 32 साल है मेरी फिगर 36-32-३८ है. मेरा शरीर चुदाई वाला माल है मेरी बूब्स बड़ी व् गोल मटोल हैं और मेरी गांड और जाँघे बहुत ही सेक्सी हैं. मुझे लोग देख कर पटाने की कोशिश करते हैं. मै और मेरे पति बैंगलोर में रहते हैं. मै और मेरे पति सेक्स को बहुत एन्जॉय करते हैं. हम ओपन माइंडेड कपल हैं और एक दूसरे को सेक्स का पूरा आनंद देते हैं. हम सेक्स में एक्सपेरिमेंट करना पसंद करते हैं. हमारे दो दोस्त हैं.. मेरे पति मुझे और उन दोस्तों में से किसी एक की की वाइफ को एक साथ चोदते हैं और खुद व् दोनों दोस्तों के साथ मेरे साथ ग्रुप सेक्स भी कराते हैं. मै आज आपको अपनी एक यादगार चुदाई की कहानी बता रही हूँ.. एक बार मेरे पति अपने ऑफिस के काम से 2 महीने के लिए बाहर गए. हम हर रोज वीडियो कॉल पर सेक्सी बातें करते थे इससे हम दोनों का मन बहुत ज्यादा हो जाता था लेकिन हम सेक्स नहीं कर पाते थे. एक दिन सेक्सी सेक्सी बातें करते हुए मेरा बहुत ज्यादा मन हो गया और मैं बुरी तरह से तड़पने लगी. मेरे पति दूसरी तरफ बुरी तरह से तड़प रहे

पड़ोसन को अनमोल तोहफा दिया

09-08-2020 साधना पांडे दोस्तों यह कहानी मेरे एक नियमित पाठक ने भेजी है इसलिए मैं या कहानी उसी की जुबानी सुनाना चाह रही हूं तो आइए सुनते हैं उसकी कहानी उसके ही जुबानी। मैं संजय उम्र 35 साल शादीशुदा हूँ। मेरे बच्चे गाँव में रहते हैं और मैं यहां दिल्ली में एक रेस्टोरेंट व बार में वेटर की नौकरी करता हूँ। मेरी कहानी दो साल पहले की है। मैं साउथ एक्स के एक होटल में नौकरी करता था और मेरा कमरा वहीं पास में ही था। वो पूरा मकान किरायेदारों के लिए ही बना था। नीचे तीन कमरे थे और छत पर सिंगल बने कमरे में मैं रहता था। होटल की नौकरी की वजह से मेरी ड्यूटी का कोई टाईम नहीं था, कभी रात में आ जाता जो कभी शाम को ड्यूटी जाता। छुट्टी के दिन पूरा दिन कमरे में टीवी देखने में गुजार देता। मेरी कहानी यहीं से शुरू होती है। नीचे के तीन कमरों में भी किरायेदार ही थे जिनमें आसाम का एक परिवार भी था जिनमें वो मियां बीवी ही रहते थे। दोनों की सादी को चार साल हो गये थे पर कोई बच्चा नहीं था। आदमी ड्राईवर का काम करता था व उसकी बीवी घर पर ही रहती थी। जब भी मैं घर पर रहता तो देखता उसकी बीवी छत पर कपड़े डालने आती है और मुझे टीव

सहेली को सेक्स की पाठ पढ़ाई

04-08-2020 साधना पांडे कैसे हो दोस्तो? मैं साधना पांडे आपके सामने फिर से एक नई कहानी लेकर हाजिर हूँ. आपने मेरी पिछली कहानियों को पसंद किया और मुझे आप लोगों के करीब 500 मेल प्राप्त हुए. आपकी प्रतिक्रिया को लेकर मैं बहुत उत्साहित हो जाती हूँ इसलिए जल्दी ही आपके लिए यह कहानी लेकर आई हूँ. यह कहानी मेरे जवानी के दिनों की है जब मैं बिल्कुल नई नई जवान हुई थी. यह कहानी मेरे और मेरी सहेली के बीच की है उम्मीद करती हूँ कि आपको मेरी यह कहानी भी उतनी ही पसंद आएगी. मेरा मानना है कि हर लड़की, जो जवान हो गई है या हो रही है, वह अपनी बॉडी के बारे में ज्यादा जानने की कोशिश करती होगी. साथ ही वह सेक्स के बारे में भी जानने की कोशिश करती होगी. सेक्स एक ऐसी भूख है जो हर किसी को लगती है. चाहे लड़की हो या लड़का. तो मेरा सोचना है कि शायद कोई अपवाद लड़की ही होगी जो सेक्स के बारे में जानने की इच्छा न रखती होगी. सुडौल और विकसित होता जिस्म जब वह आइने में देखती होगी तो उसका मन सेक्स की तरफ भी जरूर जाता होगा. जब लड़की के शरीर में उभार आना शुरू होता है तब से ही उसको कुछ अजीब सा महसूस होने लगता है. उसका मन

जालिम लंड से पेलवाई

0 2 -0 8 - 2020 साधना पांडे हेल्लो मेरा नाम अवंतिका त्रिपाठी है में दिल्ली में रहती हु मेरे पति का नाम निखिल है वो मुझे बहुत प्यार करते है और मैं भी उन्हें बहुत प्यार करती हूं हमारी शादी को चार साल हो गए है लेकिन हमें कोई बच्चा नही है हम दोनों दिल्ली में अकेले ही रहते है । मेरी उम्र 26 साल है मेरे बूब्स मोठे है और मेरा साइज़ 36- 34-36 है। यह घटना आज से 3 महीने पहले की है मेरा घर एक मुस्लिम कॉलोनी के पास है उसके पास ही एक बाजार लगता है जिसे केवल मुस्लिम लड़के ही चलते है और वह सब सामान सस्ता मिलता है वह बहुत भीड़ रहती है मई वह अक्सर जाती हु क्योंकि वह सामान बहुत सस्ता मिलता है में एक दिन वह गयी तो रोज की तरह वह बहुत भोड़ थी गर्मी का मौसम था और मैंने रेड कलर की साड़ी और डीप नैक वाला ब्लौसे पहन रखा था जिसमे थोड़े से झुकने पर ही मेरे बूब्स बहुत दिख रहे थे। लेकिन मुझे शुरू से ही सेक्सी कपडे पहनने का शौक है अब मई बाजार में अआई तो वह रहने वाले मुस्लिम लड़को की नजर अब मुझ पर पड़ी तो मेरे पास सैट कर चले लगे कोई मेरे बूब्स पर हाथ लगा जाता तो कोई मेरी गांड पर और कई लड़के तो मुझस